झारखंड में एक बड़े साइबर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जहां "PM Kisan Yojana KYC Update" के नाम पर किसानों को निशाना बनाया जा रहा है। साइबर अपराधी फर्जी संदेशों के जरिए मासूम किसानों को एक वायरस से संक्रमित ऐप डाउनलोड करने के लिए मजबूर कर रहे हैं। इस ऐप के जरिए उनके मोबाइल से निजी जानकारी, बैंक डिटेल्स, और अन्य संवेदनशील डेटा चुरा लिया जाता है।
कैसे चल रहा है धोखाधड़ी का खेल:
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, यह फर्जी संदेश व्हाट्सएप, एसएमएस और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए बड़े पैमाने पर फैलाया जा रहा है। संदेश में किसानों से कहा जा रहा है कि अगर उन्होंने अपनी "PM Kisan Yojana" की KYC अपडेट नहीं की है, तो उन्हें तुरंत एक ऐप डाउनलोड कर KYC पूरा करना होगा, ताकि उन्हें 2000 रुपये की पहली किस्त मिल सके। इस संदेश में दिया गया लिंक वास्तव में एक वायरस से संक्रमित ऐप की ओर ले जाता है।
साइबर अपराधियों की साजिश:
यह ऐप पीड़ित के फोन में कई प्रकार के मैलवेयर इंस्टॉल कर देता है, जो उनके फोन का डेटा चुरा लेता है। यह डेटा फिर साइबर अपराधियों के पास पहुंच जाता है, जो इसका दुरुपयोग कर पीड़ितों को ब्लैकमेल करते हैं, उनके बैंक खातों से पैसे निकालते हैं, या उनकी निजी जानकारी को सार्वजनिक करने की धमकी देते हैं। यह एक गंभीर मामला है, क्योंकि यह किसानों को न केवल आर्थिक हानि पहुंचा रहा है, बल्कि उनकी निजी जानकारी को भी खतरे में डाल रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार के फर्जी ऐप्स और संदेशों को फैलने से रोकने के लिए इंटरनेट सेवा प्रदाताओं और सोशल मीडिया कंपनियों से संपर्क किया जा रहा है। साथ ही, प्रभावित किसानों से अपील की जा रही है कि वे इस तरह के किसी भी लिंक या ऐप को डाउनलोड न करें और तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दें।
जनता से अपील:
ipil innovation software ने जनता से अपील की है कि वे सतर्क रहें और इस प्रकार के किसी भी फर्जी संदेश का शिकार न बनें। उन्होंने यह भी सलाह दी है कि कोई भी लिंक क्लिक करने या अनजान ऐप डाउनलोड करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें। किसानों को विशेष रूप से सावधान रहने की जरूरत है, क्योंकि यह धोखाधड़ी योजना उनके नाम पर ही चलाई जा रही है।
क्या करें अगर आप हो जाएं शिकार:
अगर कोई किसान इस प्रकार की धोखाधड़ी का शिकार हो जाता है, तो उन्हें तुरंत अपने बैंक को सूचित करना चाहिए और अपने खाते को अस्थायी रूप से बंद करने का अनुरोध करना चाहिए। साथ ही, jhar.cyber.cop@gmail को घटना की पूरी जानकारी दें, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके।
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